पंजाबः गवर्नर से मिले अकाली नेता, 14 फरवरी के चुनाव के लिए केंद्रीय बल तैनात करने की अपील

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शिरोमणी अकाली दल के नेताओं ने गवर्नर वीपी सिंह बदनौर से शिकायत करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस 14 फरवरी को होने वाले निकाय चुनावों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी ने गवर्नर से अपील की कि निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए।

अकाली दल और कांग्रेस के बीच वैसे तो लंबे समय से तनातनी चली आ रही है, लेकिन आग में घी तब पड़ा जब फरवरी की शुरुआत में
पार्टी के अध्‍यक्ष सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी पर जलालाबाद में कुछ लोगों ने हमला किया। अकाली-कांग्रेसी वर्करों में जबरदस्त झड़प और फायरिंग हुई। विवाद नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन के दौरान हुआ था। सुखबीर ने कहा कि हमला कांग्रेसियों ने किया।

तब सुखबीर बादल घटना के विरोध में धरने पर भी बैठ गए थे। उसी दिन तरनतारन के भिखीविंड में भी अकाली-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ था। किसान आंदोलन से पहले पंजाब के राजनीतिक समीकरण काफी अलग थे। अकाली दल-बीजेपी साथ मिलकर कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ते थे, लेकिन अब किसानों के मुद्दे पर अकाली ने गठबंधन तोड़ दिया है। फिलहाल राज्य में अकाली, बीजेपी, कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। केजरीवाल की पार्टी ने भी सूबे में अपनी पकड़ तेजी से बनाई है। माना जा रहा है कि निकाय चुनावों में बहुकोणीय लड़ाई देखने को मिलेगी। परिणामों से पता चलेगा कि एक दूसरे का साथ छोड़ना बीजेपी और अकाली को कितना भारी पड़ा।

पंजाब में 14 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में कुल 9,222 उम्मीदवार मैदान में हैं। शनिवार तक आठ नगर निगम, 109 नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत चुनाव के लिए 15,305 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। राज्य चुनाव कार्यालय के मुताबिक, कुल 9,222 उम्मीदवारों में से 2,832 प्रत्याशी निर्दलीय हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस के 2,037 उम्मीदवार, अकाली दल के 1,569, भाजपा के 1,003 ,जबकि आम आदमी पार्टी के 1,606 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मतगणना 17 फरवरी को होगी। इन चुनावों के लिए राज्य में 20,49,777 पुरुष, 18,65,354 महिला वोटरों के साथ कुल 39,15,280 वोटर हैं। चुनाव आयोग ने 4102 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं।



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