पिछले पांच सालों में 6.76 लाख लोगों ने छोड़ी भारत की नागरिकता

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गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि साल 2015 से 2019 के बीच 6.76 लाख से अधिक लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ी और दूसरे देशों की नागरिकता ले ली। राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुल 1,24,99,395 भारतीय नागरिक दूसरे देशों में रह रहे हैं। मंत्री ने कहा कि 2015 से 2019 के बीच 6.76 लाख से अधिक लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ी।

संसद की एक समिति ने केंद्रीय मंत्रियों और विभागों से वैधानिक आदेशों से जुड़ी अधिसूचना राज्यसभा के पटल पर रखने में देरी नहीं करने को कहा । समिति का कहना है कि ऐसी देरी से पूरी तरह से बचा जा सकता है और यह अतीत में की गई उसकी सिफारिशों के खिलाफ है।

उच्च सदन में पेश 252 सत्र से संबंधित अधीनस्थ विधान संबंधी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्रियों और विभागों की ओर से रखे गई 15 विलंबित अधिसूचनाओं में से दो अधिसूचना सात महीने की देरी से, छह अधिसूचना आठ महीने की देरी से, दो अधिसूचना नौ महीने और पांच अधिसूचना 10 या उससे अधिक महीने की देरी से रखी गईं।

गौरतलब है कि चालू बजट सत्र उच्च सदन का 253वां सत्र है। उल्लेखनीय है कि वैधानिक आदेश संसद के कानून या किसी कानून का परिणाम होता है और उसका विधि संबंधी आधार होता है। अधिसूचना आम लोगों को उस वैधानिक आदेश के बारे में जानकारी देने के लिये होती है।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने कहा कि वह कुछ मंत्रालयों का ध्यान आकृष्ट करना चाहती है जिनकी अधिसूचना राज्यसभा में काफी देरी से पेश की गई। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक वर्ष की देरी से, उपभोक्ता एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की अधिसूचना एक वर्ष और एक महीने की देरी से पेश की गई।



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