मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी को दिए है कुछ सुझाव , आप भी जानिए आखिर क्या है । – Global Times

मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी को दिए है कुछ सुझाव , आप भी जानिए आखिर क्या है ।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. इस लेटर के जरिए उन्होंने सरकार को कई सुझाव दिए हैं. मनमोहन सिंह ने कहा है कि वैक्सीनेशन में तेजी लाने की आवश्यकता है, क्योंकि ये कोरोना से जंग में अहम भूमिका है. मनमोहन सिंह का कहना है कि कितने लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है, ये देखने के बजाय आबादी के कितने प्रतिशत हिस्से का विक्सिनेशन हो रहा है, ये देखा जाना चाहिए. उन्होंने एक दूसरी ओर ध्यान दिलाया कि भारत में आबादी के एक बहुत छोटे से हिस्से को ही अभी तक टीका मिल पाया है. पूर्व प्रधानमंत्री ने वर्तमान प्रधानमंत्री को पांच सुझाव दिए हैं.



1. सरकार को बताना चाहिए कि किन वैक्सीन बनाने वाले को कितने डोज के आदेश दिए गए हैं. आने वाले 6 महीने तक इनकी सप्लाई के लिए कितने ऑर्डर मंजूर किए गए हैं. अगर हमें इन 6 महीनों के दौरान किसी निश्चित जनसंख्या को वैक्सीन लगानी है तो इसके लिए हमें पहले से ऑर्डर देने चाहिए, ताकि वैक्सीन प्राप्त होने में परेशानी न आए.



2. भारत सरकार को यह बताना चाहिए कि ये सब कैसे किया जा सकेगा और सभी राज्यों में वैक्सीन किस तरह से सप्लाई कराई जाएगी.



3. राज्यों को फ्रंटलाइन वर्कर्स तय करने में थोड़ी सहूलियत बरतनी चाहिए ताकि 45 से कम उम्र के लोगों को भी टीकाकरण किया जा सके. एग्जांपल के तौर पर हो सकता है राज्य टीचर्स, बस-टैक्सी-थ्री व्हीलर चलाने वालों, नगर पालिका और पंचायत स्टाफ और कोर्ट जाने वाले वकीलों को फ्रंट लाइन वर्कर्स घोषित करना चाहते हों. ऐसा करने पर 45 साल से कम उम्र होने पर भी वैक्सीन लगाई जा सकती है.



4. पिछले कुछ दशकों में इंडिया दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन पैदा करने वाला बनकर उभरा है. इसकी वजह सरकार द्वारा अपनाई गईं पॉलिसी हैं. इस इमरजेंसी के सिचुएशन में सरकार को वैक्सीन बनाने वाले को प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए आदेश और रियायतें देनी चाहिए.एड्स जैसी बीमारी से लड़ते वक्त पहले भी ऐसा किया जा चुका है.



5. स्वदेशी वैक्सीन की सप्लाई सीमित है. ऐसे में यूरोपियन मेडिकल एजेंसी और USFDA जैसी विश्वसनीय एजेंसियों ने जिन वैक्सीन को अप्रूव किया है, उन्हें घरेलू ट्रायल जैसी शर्त के बिना भारत में मंगवाया जाए. मुझे लगता है कि इमरजेंसी के हालात को देखकर जानकर भी इसे सही ही मानेंगे. ये सहूलियत निश्चित समय सीमा के लिए ही होगी, जिसके अंदर भारत में ब्रिज ट्रायल पूरे कर लिए जाएंगे. जिन लोगों को ये वैक्सीन लगवाई जाए, उन्हें भी इस संबंध में जानकारी दी जाए कि इन्हें विदेश में विश्वसनीय एजेंसियों ने अप्रूवल दे दिया है.



मनमोहन सिंह की ओर से भेजे गए इन प्रस्ताव से एक दिन पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी जिसमें कोरोना महामारी से लड़ने के तौर तरीकों पर बात चीत हुई.

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