राजस्थान: सीएम गहलोत ने शहरी रोजगार योजना के क्रियान्वयन के लिए नए दिशा-निर्देशों को दी मंजूरी

राजस्थान: सीएम गहलोत ने शहरी रोजगार योजना के क्रियान्वयन के लिए नए दिशा-निर्देशों को दी मंजूरी

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वर्ष 2021-22 में औसत वेतन 182.62 रुपये था, 2020-21 में यह 169.51 रुपये, 2019-20 में 144.87 रुपये और 2018-19 में 137.24 रुपये था।

ग्रामीण विकास सचिव केके पाठक के अनुसार, जिला और पंचायत स्तर पर मनरेगा गतिविधियों की कड़ी निगरानी के परिणामस्वरूप राजस्थान में उच्च औसत मजदूरी प्राप्त हुई है। मनरेगा मजदूरी में वृद्धि भी केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के कारण हुई थी। न्यूनतम मजदूरी दर 221 रुपये से बढ़ाकर 231 रुपये की गई, इस प्रकार मनरेगा के तहत मजदूरी में भी 10 रुपये प्रति दिन की वृद्धि की गई।

राजस्थान जो मनरेगा के तहत एक उच्च प्रदर्शन करने वाला राज्य है, केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) के कार्यान्वयन में देश में शीर्ष स्थान पर है। इस कार्यक्रम के तहत मोबाइल एप के माध्यम से विभिन्न कार्यों की नियमित जांच की जाती है। भ्रष्टाचार को कम करने वाले मोबाइल ऐप के कारण काम और उपस्थिति में अनियमितताएं रुक गई हैं।

राज्य सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए 20 करोड़ व्यक्ति-दिवस का प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने अब तक 7.57 करोड़ की कमाई की है जिसे हाई परफॉर्मेंस माना जाता है।

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